संघ की भोपाल पर भाजपा को नसीहत- गंभीर रहें

भाजपा संघ तो दिग्विजय संतों की शरण में

छिंदवाड़ा, गुना, विदिशा में दमदार चेहरे नहीं होने से दिल्ली भी खफा

भोपाल . भोपाल-इंदौर समेत मप्र की बची हुई चौदह सीटों के टिकट तय करने में हो रही देरी ने प्रदेश भाजपा की मुश्किल बढ़ा दी है। सबसे ज्यादा दिक्कत भोपाल-इंदौर सीटों को लेकर है। भोपाल में दिग्विजय सिंह के सामने शिवराज सिंह चौहान का नाम रखा जा रहा था, पर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के कहने पर नए मजबूत चेहरे की तलाश हो रही है। इंदौर, छिंदवाड़ा, गुना-शिवपुरी, धार, ग्वालियर आदि सीटों को लेकर यही स्थिति है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश भैयाजी जोशी ने अचानक भोपाल पहुंचकर शिवराज, सुहास भगत, नरोत्तम मिश्रा आदि से मुलाकात कर उन्हें संघ समर्थित नामों पर हो रही अंदरूनी खींचतान को बंद करने की नसीहत दी। बताया रहा है कि राजगढ़, खजुराहो और सागर के साथ बची हुई आदिवासी सीटों रतलाम और धार में संघ कुछ नामों की सिफारिश कर रहा है, लेकिन अभी इस पर निर्णय नहीं हुआ। जोशी ने अपनी बात सभी नेताओं के सामने रख दी। भैयाजी जोशी ने भोपाल को लेकर भी पार्टी से गंभीरता रखने को कहा है। भाजपा नेताओं से मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया से कहा कि भोपाल के चुनाव शुरू होने दें, भाजपा रणनीति बना रही है। देखिए क्या होता है?

जोशी सभी जिम्मेदार लोगों के साथ  बुधवार को मुलाकात करने वाले थे। इसलिए बुधवार को प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह के साथ केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर व थावरचंद गेहलोत और प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे का भोपाल में भैयाजी जोशी से मिलने का कार्यक्रम तय हुआ, लेकिन भैयाजी जोशी की बहन का बड़ौदा में आकस्मिक निधन हो गया। लिहाजा वे मंगलवार को ही बड़ौदा चले गए। इस कारण से बुधवार को प्रस्तावित बैठक टल गई है। पार्टी सूत्रों की मानें तो प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह अब सभी नेताओं से अलग-अलग बात करेंगे।

छिंदवाड़ा में बट्टी पर और गुना में सेलिब्रिटी पर असमंजस : छिंदवाड़ा संसदीय सीट पर मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे व कांग्रेस के संभावित उम्मीदवार नकुल नाथ के सामने गोंगपा नेता मनमोहन शाह बट्टी को उतारने की दलील देने के बाद केंद्रीय संगठन ने प्रदेश के नेताओं से कहा कि पंद्रह साल से सरकार है, क्या मप्र के पास चुनाव लड़ाने लायक नाम नहीं हैं। गुना में कहा जा रहा है कि सेलिब्रिटी उतारा जाए। विदिशा में सुषमा स्वराज के बाद कोई दमदार नाम सूची में नहीं दिया गया। खजुराहो-सागर संसदीय सीट पर भी यही स्थिति है। पिछले चुनाव में भी कांग्रेस से आए भागीरथ प्रसाद को टिकट दे दिया गया। प्रदेश संगठन एक बार और विचार करके बताए।

भोपाल से खुद के लोकसभा चुनाव लड़ने की चर्चाओं पर बोले शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वे पार्टी के कार्यकर्ता हैं और कार्यकर्ता क्या करेंगे, इसका निर्णय हमेशा पार्टी करती है। भोपाल से भाजपा भारी मतों से जीतेगी। लोकसभा चुनाव प्रभारी स्वतंत्र देव  सिंह ने कहा कि नेता की लोकप्रियता, संगठन और प्रत्याशी को मिलाकर हम चुनाव लड़ते हैं। दिग्विजय सिंह के सामने भाजपा का कार्यकर्ता चुनाव लड़ेगा।

दिग्विजय सिंह के चुनाव लड़ने पर आरएसएस के प्रांत संघचालक अशोक पांडे ने कहा कि संघ का काम हिंदू समाज को एक करना है। हमारी दृष्टि से दिग्विजय भी हिंदू समाज के अंग हैं। संघ के लिए सभी हिंदू एक समान हैं। आरएसएस मतदाताओं से अपील करेगा कि राष्ट्रीय अखंडता व राष्ट्र की प्रगति को ध्यान में रखें। देशहित के मुद्दों को ध्यान में रखकर करें मतदान करें। इसकी जागरुकता का अभियान संघ चलाएगा।

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