पीएम मोदी मालदीव की संसद में बोले – राष्ट्र प्रायोजित आतंकवाद आज दुनिया के सामने सबसे बड़ा खतरा

मालदीव की संसद में बोले पीएम मोदी, राष्ट्र प्रायोजित आतंकवाद आज दुनिया के सामने सबसे बड़ा खतरा

पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्र प्रायोजित आतंकवाद मानवता के लिए आज सबसे बड़ा खतरा है.नई दिल्ली : अपने पहले विदेश दौरे पर मालदीव (Maldives) पहुंचे पीएम मोदी ने वहां की संसद (Majlis) को संबोधित किया. इस दौरान पीएम मोदी ने पाकिस्तान पर परोक्ष हमला बोलते हुए कहा कि राष्ट्र प्रायोजित आतंकवाद मानवता के लिए आज सबसे बड़ा खतरा है. उन्होंने वैश्विक नेताओं से आतंकवाद की समस्या से मिलकर लड़ने को कहा. पीएम ने कहा कि भारत और मालदीव के रिश्ते इतिहास से भी पुराने हैं. उन्होंने कहा,‘आज मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि मालदीव में लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए हर भारतीय आपके साथ है’. पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद न केवल देश के लिए बल्कि पूरी सभ्यता के लिए खतरा है. उन्होंने कहा, ‘वैश्विक समुदाय ने जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों पर सम्मेलन और बैठकें आयोजित की हैं, अब उसे आतंकवाद के मुद्दे पर भी साथ में आना चाहिए. अब आतंकवाद पर वैश्विक सम्मेलन का समय है’.

प्रधानमंत्री मोदी को मालदीव का सर्वोच्च सम्मान ‘निशान इज्जुद्दीन’ से नवाजा गया

पीएम मोदी ने कहा, ‘बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि लोग आज भी अच्छे आतंकवादियों और बुरे आतंकवादियों के बीच अंतर करने की गलती कर रहे हैं’. पीएम ने परोक्ष रूप से पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘राष्ट्र प्रायोजित आतंकवाद आज दुनिया के सामने सबसे बड़ा खतरा है’. भारत ने पहले देश में आतंकवादी हमलों के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया था और उससे उसकी सरजमीं से पनप रहे आतंकी संगठनों को समर्थन देना बंद करने को कहा था. पीएम मोदी ने कहा, ‘‘पानी अब सिर से ऊपर जा रहा है”. उन्होंने दुनिया के नेताओं से आतंकवाद से मिलकर लड़ने को कहा. पीएम ने कहा, ‘आतंकवाद और चरमपंथ से लड़ना दुनिया में नेतृत्व का सबसे सटीक परीक्षण है’. उन्होंने कहा कि मालदीव में आजादी, लोकतंत्र, समृद्धि और शांति के लिए भारत उसके साथ खड़ा है.

मालदीव की संसद में बोले PM मोदी- आतंकवाद से लड़ने के लिए विश्व समुदाय का एकजुट होना जरूरी

भारत-मालदीव संयुक्त वक्तव्य के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने क्षेत्र में और अन्य कहीं भी आतंकवाद के सभी प्रकारों के खिलाफ उनका सुस्पष्ट रुख प्रकट किया. इसमें कहा गया कि दोनों देशों के सुरक्षा हित जुड़े होने की बात को रेखांकित करते हुए उन्होंने क्षेत्र की स्थिरता के लिए एक दूसरे की चिंता और आकांक्षाओं के प्रति विवेकपूर्ण सोच रखने का आश्वासन दोहराया. उन्होंने एक दूसरे के प्रतिकूल किसी भी गतिविधि के लिए अपने अपने क्षेत्रों का इस्तेमाल नहीं होने देने की बात भी दोहराई. आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मालदीव के सर्वोच्च सम्मान ‘रूल ऑफ निशान इज्जुद्दीन’ से भी नवाजा गया.

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